शोले (Sholay) फिल्म जब रिलीज़ हुई थी तो अधिकांश लोग थिएटर से बाहर आकर एक दूसरे से बात भी नहीं करते थे. ऐसा ही कुछ हश्र मलयालम फिल्म "मालिक (Malik)" देख कर हुआ. इसका कारण फिल्म का शोले की तरह भव्य होना नहीं है. फिल्म में वास्तविकता का कुछ तरीके से दिखाया जाना है कि आप फिल्म से जुड़ने से थोड़ा हिचकिचाते हैं.from Latest News फ़िल्म रिव्यू News18 हिंदी https://ift.tt/2UQTwK6
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