Yeh Mard Bechara review: हिंदी सिनेमा में महिलाओं का दर्द और दुख दिखाने के लिए कई फिल्में बनी हैं, जिन्हें काफी संजीदा तरीके फिल्माया गया है. लेकिन मर्दों को हमेशा सख्त होने, ना रोने, कमजोर पड़ने पर 'फट्टू', चूड़ियां पहन लो... जैसे शब्द सुनने को मिलते हैं. फिल्में भी ऐसे ही 'माचोमैन' को ही 'हीरो' दिखाती है जो मारधाड़ मचाता है, पत्नी या गर्लफ्रेंड की हिफाजत करता है.. लेकिन निर्देशक अनूप थापा की 'यह मर्द बेचारा' एक अलग तरह की कहानी बताती है.
from Latest News फ़िल्म रिव्यू News18 हिंदी https://ift.tt/3wWnv25
0 Comments